महर्षि दयानंद सरस्वती जयंती : आधुनिक भारत के निर्माता और वेदों के पुनरुद्धारक का संपूर्ण जीवन परिचय
महर्षि दयानंद सरस्वती आधुनिक भारत के महान चिंतक, समाज सुधारक और आर्य समाज के संस्थापक थे। उन्होंने 19वीं सदी में 'वेदों की ओर लौटो' का नारा देकर समाज में व्याप्त अंधविश्वास, छुआछूत और पाखंड पर कड़ा प्रहार किया। स्वामी जी ने न केवल धार्मिक शुद्धि की, बल्कि स्वराज, स्वदेशी और स्त्री शिक्षा की नींव भी रखी। उनका जीवन सत्य की खोज, त्याग और राष्ट्रभक्ति का अद्भुत उदाहरण है, जो आज भी करोड़ों लोगों को प्रेरित करता है।
वेदों का अध्ययन कैसे करें? कहाँ मिलेंगे वेद या वेदों का वर्णन?
वेदों का अध्ययन आत्म-ज्ञान और जीवन के सही नियमों को जानने की एक पवित्र यात्रा है। शुरुआत में उपनिषदों और गीता जैसे सहायक ग्रंथों से तैयारी करें। वेदों को समझने के लिए योग्य गुरु का मार्गदर्शन और संस्कृत का प्राथमिक ज्ञान सहायक है। प्रामाणिक वर्णन और संस्करण आर्य समाज, गीता प्रेस और विभिन्न पुस्तकालयों में मिलेंगे। अध्ययन का लक्ष्य मानव जीवन के लिए सबसे बड़ी सीख को आत्मसात करना है।