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महर्षि दयानंद सरस्वती जयंती : आधुनिक भारत के निर्माता और वेदों के पुनरुद्धारक का संपूर्ण जीवन परिचय
  • BY: R. F. Tembhre
  • 12 Feb, 2026
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महर्षि दयानंद सरस्वती जयंती : आधुनिक भारत के निर्माता और वेदों के पुनरुद्धारक का संपूर्ण जीवन परिचय

महर्षि दयानंद सरस्वती आधुनिक भारत के महान चिंतक, समाज सुधारक और आर्य समाज के संस्थापक थे। उन्होंने 19वीं सदी में 'वेदों की ओर लौटो' का नारा देकर समाज में व्याप्त अंधविश्वास, छुआछूत और पाखंड पर कड़ा प्रहार किया। स्वामी जी ने न केवल धार्मिक शुद्धि की, बल्कि स्वराज, स्वदेशी और स्त्री शिक्षा की नींव भी रखी। उनका जीवन सत्य की खोज, त्याग और राष्ट्रभक्ति का अद्भुत उदाहरण है, जो आज भी करोड़ों लोगों को प्रेरित करता है।

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वह एक बात जिसे वेद हमें जीवन की सार्थकता हेतु सिखातें हैं?
  • BY: R. F. Tembhre
  • 31 Dec, 2025
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वह एक बात जिसे वेद हमें जीवन की सार्थकता हेतु सिखातें हैं?

​वेद हमें सिखाते हैं कि जीवन की सार्थकता सृष्टि की एकात्मता को जानने में है। वेदों की सबसे बड़ी सीख कर्तव्यनिष्ठ धर्म और कर्मों का फल सिद्धांत है, जो जीवन को अनुकूल बनाते हैं। यह लेख बताता है कि कैसे सनातन धर्म के चारों वेद, जागरूकता के माध्यम से हमें मानसिक शांति और सामाजिक सद्भाव की ओर ले जाते हैं, जो परम अनुकूलता है।

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वेदों का अध्ययन कैसे करें? कहाँ मिलेंगे वेद या वेदों का वर्णन?
  • BY: R. F. Tembhre
  • 02 Nov, 2025
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वेदों का अध्ययन कैसे करें? कहाँ मिलेंगे वेद या वेदों का वर्णन?

वेदों का अध्ययन आत्म-ज्ञान और जीवन के सही नियमों को जानने की एक पवित्र यात्रा है। शुरुआत में उपनिषदों और गीता जैसे सहायक ग्रंथों से तैयारी करें। वेदों को समझने के लिए योग्य गुरु का मार्गदर्शन और संस्कृत का प्राथमिक ज्ञान सहायक है। प्रामाणिक वर्णन और संस्करण आर्य समाज, गीता प्रेस और विभिन्न पुस्तकालयों में मिलेंगे। अध्ययन का लक्ष्य मानव जीवन के लिए सबसे बड़ी सीख को आत्मसात करना है।

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वेदों की मानव जीवन के लिए सबसे बड़ी सीख क्या है?
  • BY: R. F. Tembhre
  • 28 Oct, 2025
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वेदों की मानव जीवन के लिए सबसे बड़ी सीख क्या है?

वेदों की सबसे बड़ी सीख 'एकम् सत् विप्रा बहुधा वदन्ति' के सिद्धांत में निहित है, जिसका अर्थ है सत्य एक है। यह लेख वेदों की मूलभूत शिक्षाओं पर प्रकाश डालता है, जो धर्म, ज्ञान, कर्म, और एकात्मता के माध्यम से मानव जीवन को सफल बनाने की कला सिखाती हैं। वेदों के अनुसार, नैतिक मूल्यों और सकारात्मक विचारों का पालन करते हुए आत्म-साक्षात्कार की ओर बढ़ना ही जीवन का अंतिम उद्देश्य है।

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सनातन धर्म के चारों वेद : इनमें किन-किन बातों का वर्णन है?
  • BY: R. F. Tembhre
  • 28 Oct, 2025
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सनातन धर्म के चारों वेद : इनमें किन-किन बातों का वर्णन है?

सनातन धर्म के चारों वेद— ऋग्वेद (स्तुति और ज्ञान), यजुर्वेद (यज्ञ और कर्म), सामवेद (संगीत और उपासना), और अथर्ववेद (चिकित्सा और लौकिक विज्ञान)—मानव सभ्यता के प्राचीनतम ग्रंथ हैं। ये 'अपौरुषेय' ग्रंथ जीवन के हर पहलू—अध्यात्म, समाज, विज्ञान और कर्म के नियम—का मार्गदर्शन करते हैं। वेदों का सार 'एकं सद् विप्रा बहुधा वदन्ति' और 'वसुधैव कुटुम्बकम्' है, जो सत्य की एकता और विश्व-बंधुत्व का संदेश देता है।

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